संघर्ष

जब भी अपवाद हुए, विवाद बने, 

विवादों से संघर्ष उत्पन्न हुए, 

संघर्षों से उत्पन्न हुआ अस्तित्व का प्रश्न, 

प्रश्नों का उत्तर खोजते सीमाएँ लांघी गईं,

सीमाएँ लांघने से मान सम्मान का हनन हुआ, 

सम्मान हनन से अपमान का बोध हुआ, 

अपमान बोध होते ही सेनाओं का निर्माण हुआ, 

सेनाओं के निर्माण से जन्म हुआ कुंठित राजाओं का, 

कुंठित राजाओं से जन्म हुआ युद्धों का, 

युद्ध से प्रारम्भ हुआ समाज के विनाश का,  

विनाश से उत्पन्न हुई जीने की प्रबल इच्छा, 

जीने की आवश्यकता से सृजन हुआ आविष्कार का,

आविष्कार से पुनः जन्म हुआ अपवाद का, 

अपवादों से विवाद बने,

जो मान लिया गया वो लुप्त हो गया, 

जो विवादों में रहा, जीवित रहा।

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