आंसू नहीं जानते हैं !!
गालों पर फैलते काजल की कीमत आंसू नहीं जानते हैं !! लहरों से डरने वाले समंदर नहीं लांघते हैं !! काग़ज़ के शेर अक्सर बारिशों में बाहर नहीं आते हैं वक़्त पड़ने पर खून के रिश्ते जम जाते हैं किताबों की पढ़ी बातें बस परीक्षा में लिख कर आते हैं और असल ज़िन्दगी में जीने के फ़लसफ़े बदल जाते हैं कोशिश करने से हार बुरी नहीं लगती जो जीत जाते हैं वो ये बात समझाते हैं जिनको आँखें मूँद कर देख लिए करते थे अब वो आँख खोल कर भी नज़र नहीं आते हैं बात तेरे मेरे की कभी थी ही नहीं बस कुछ लोग बिना बोले लकीर खींच जाते हैं उड़ तो लूँ पर आसमाँ छोटा पड़ने लगा है बादलों में घर बनाया था पर हवाओं ने सब इधर उधर कर दीया है कोई चुटकी काट कर बता दो यारों दिल पर किसने कब्ज़ा कर लिया है छीन कर लाये थे उनको गैरों से अब गैरों ने ही हमें चलता कर दीया है कोई रोक लो पानी को, ज़मीन प्यासी है सूरज ने भी बादलों पर पहरा कर दीया है अरे आते जाते लोग ताना मारने लगे थे हमने भी किसी किसी के लिए खुद को बहरा कर दीया है...