रिश्ते
रिश्तों में शर्मिंदगी महसूस हो तो निभाना नहीं चाहिए,
भीतर से ना पसंद हो तो मुस्कुराना नहीं चाहिए,
कुछ बुरा लगे तो माफ़ करना आना चाहिए,
कुछ अच्छा लगे तो बताना चाहिए,
जो ग़म यादों के सहारे दर्द दें उन्हें भुलाना चाहिए,
जो यादें आंसुओं के सहारे ख़ुशी दें उन्हें बहाना चाहिए,
रिश्तों में शर्मिंदगी महसूस हो तो निभाना नहीं चाहिए,
जो आँखें बंद करके भी दिखें उन्हें भुलाना चाहिए,
जिससे प्यार हो उस पर हक़ जताना चाहिए,
कभी झगड़ पड़ो तो पहले सर झुकाना चाहिए,
दिन में एक बार खुल कर ज़रूर मुस्कुराना चाहिए.
अपनों को दूसरों के और दूसरों को अपनों के क़िस्से सुनाना चाहिए,
कोई रोता मिले उसे हँसाना चाहिए,
कोई भटक गया हो तो सही राह दिखाना चाहिए,
मुश्किलों से निकलना आना चाहिए,
जो बीत गया उसे दोहराना नहीं चाहिए,
रूठों को मनाना आना चाहिए,
कमज़ोर को साथ बैठाना चाहिए,
जो डरे उसे हिम्मत सिखाना चाहिए,
जो तुम्हें आता हो वो दूसरों को बताना चाहिए,
हक़ के लिए लड़ना आना चाहिए,
ग़लत काम के लिए ना कहना आना चाहिए,
बातों में कड़वाहट नहीं लाना चाहिए,
कितना भी दुःख हो, जीना आना चाहिए,
चोट लगे तो सहना आना चाहिए,
बिछडों को मिलाना चाहिए,
अनजान के साथ भी कभी मुस्कुराना चाहिए,
जो टूट गया हो उसे जोड़ना आना चाहिए,
ख़्वाहिशों को ऊँचा और ज़िन्दगी को बड़ा बनाना चाहिए,
दिन में एक बार खुल कर ज़रूर मुस्कुराना चाहिए!
🙏🙏🙏🙏
ReplyDeleteThank you ji!!
ReplyDelete👌👍
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