कोशिश

सपने शहर देख कर नहीं लिए जाते, 

उम्मीदों का दामन सड़कों से नहीं पकड़ा जाता, 

प्यार शक्ल देख कर ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाता, 

बारिश तुझे तेरे शहर में कम या ज्यादा नहीं भिगोती, 

तेरे शहर में आसमान ज्यादा नीला नहीं नज़र आता, 

आंसुओं में नमक तेरे शहर में भी उतना ही होता है, 

दिल किसी का भी हो, जब भी दुखी होता है उतना ही रोता है,

मोहब्बत चीजों से नहीं ज़िंदा से की जानी चाहिए है,

इज़्ज़त पीठ पीछे की जाये तो सच्ची मानी जानी चाहिए, 

नजदीकियां पास रहने से नहीं, 

साँसों की गर्मी से महसूस की जाती है, 

क्यूंकि दिल को नहीं पता चलता कि 

आँखें ख़ुशी हो या ग़म अक्सर क्यों भीग जातीं हैं,

मंज़िल चाहे कितनी भी दूर हो रास्तों से डरना नहीं चाहिए,

हाथों की लकीरें चाहे कितनी भी छोटी हों, 

मेहनत की कलम से बड़ी कर देना चाहिए,

सपने जागते हुए भी देखे जाते हैं, 

जो शीर्ष पर पहुंचे है, उदाहरण उन्हीं के दिए जातें हैं।


Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

कृष्ण मुझ से जब पूछेंगे !!

उधार लिया था

ग़लतफ़हमी