अधूरा सा

कुछ अधूरा वाला पूरा बाक़ी है,

आँसू अभी पलकों से टपका भी नहीं, 

गालों पर पूरी हँसी आधी बाक़ी है,

बाक़ी हैं कुछ शिकायतें, 

जो सुना वो अधूरा सा अब भी बाक़ी है, 

वो दोनों पलकों का बिछड़ना पूरा बाक़ी है, 

वो लबों का ख़ुद से टकराना आधा बाक़ी है, 

दांतो तले जीभ का सरकना पूरा बाक़ी है,  

बाक़ी है तेरा बाँहों में भींच कर मुझे पूरा आगोश में ले लेना,  

बाक़ी है अधूरा अधूरा सा ज़िंदा रहना, 

आधी रात पूरी बाक़ी है,  

दिन पूरा आधा बाक़ी है, 

तू है पर तू है नहीं, ये ख़याल अधूरा सा पूरा बाक़ी है, 

कुछ अधूरा वाला पूरा बाक़ी है

Comments

  1. इन अधूरी सी बातों को आपके शब्दों ने पूरा कर दिया...

    सही कहा की कहीं कुछ अधूरा छूट ही जाता है और कहीं कुछ पूरा नहीं हो पाता है...

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    1. हम सब एक ही ट्रैन में सवार हैं, बोगियाँ अलग अलग हैं।

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