कोई नई बात नहीं ... पुरानी है!
एक छोटी सी दीया बाती भी एक बड़े कमरे को उजाले से भर देती है,
खुशी कितनी भी हो, हमेशा ही कम पड़ती है,
ज्यादा हँसी भी आँसू ले आती है,
ग़म कितना भी छोटा हो सारी दुनिया भुला देता है,
छोटी छोटी सी यादों में गहरे गहरे ज़ख्म छुपे होते हैं,
कई फैसले, वक़्त और कलम के बीच रुके होते हैं,
ये भी कोई नई बात नहीं पुरानी है,
हम पर जो बीत रही है,
वो तुम्हारे लिए बस एक गुज़री हुई कहानी है.
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